सरकार ने ई-रिक्शा की बैटरियों को अनधिकृत तरीके से रिमोट से कंट्रोल करने वाले कुछ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) मोबाइल ऐप्स के गलत इस्तेमाल की खबरों का संज्ञान लिया है। सरकार की ओर से 3 जुलाई को ऐसे ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के आदेश जारी किए गए थे। सरकार ने डिजिटल इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा और डिजिटल मजबूती बढ़ाने के लिए देशभर में एक एकीकृत और समन्वित व्यवस्था भी तैयार की है। इसके तहत साइबर सुरक्षा से जुड़े कई संस्थानों को जिम्मेदारी दी गई है।
नेशनल साइबर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेटर (NCSC) को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) के तहत अलग-अलग एजेंसियों के बीच साइबर सुरक्षा से जुड़े समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 70B के तहत साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में नामित किया गया है।
इसके अलावा, CERT-In द्वारा लागू नेशनल साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCCC) साइबर स्पेस की निगरानी कर संभावित साइबर सुरक्षा खतरों का पता लगाता है। इसके बाद संबंधित संगठनों, राज्य सरकारों और अन्य एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की जाती है, ताकि जरूरी कार्रवाई की जा सके।
सरकार ने देश के महत्वपूर्ण सूचना ढांचे की सुरक्षा के लिए नेशनल क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (NCIIPC) की भी स्थापना की है। यह व्यवस्था IT अधिनियम, 2000 की धारा 70A के तहत काम करती है। वहीं, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 को वैश्वीकरण, नई तकनीक और ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव के दौर में उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए लागू किया गया है। इस कानून का संचालन उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा किया जाता है।
इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की ओर से 'इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस (ISEA)' परियोजना भी चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य सूचना सुरक्षा के क्षेत्र में मानव संसाधन को मजबूत करना और लोगों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। साइबर हाइजीन और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता सामग्री staysafeonline.in, infosecawareness.in और csk.gov.in जैसे पोर्टल के जरिए लोगों तक पहुंचाई जा रही है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 22 जुलाई को लोकसभा में दी।