Breaking News

ई-रिक्शा रिमोट शटडाउन ऐप्स पर केंद्र सरकार सख्त, 2 ऐप प्ले स्टोर से हटाए गए     |   बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन 6 जुलाई से दो दिवसीय जम्मू दौरे पर रहेंगे     |   भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी     |   सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की निजी बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट पर रोक लगाई     |   निकाह, हलाला, 3 तलाक की आड़ में महिलाओं का यौन शोषण नहीं चलेगा: इलाहाबाद HC     |  

BAT-BMS App: क्या सच में मोबाइल से बीच सड़क ई-रिक्शा बंद किया जा सकता है? जानिए पूरा मामला

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहाी है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक चीनी मोबाइल ऐप की मदद से सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा को दूर से ही बंद (ऑफ) किया जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद ई-रिक्शा की साइबर सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है BAT-BMS ऐप?

BAT-BMS एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System) ऐप है, जिसे चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया है। यह ऐप ब्लूटूथ के जरिए लिथियम बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए बनाया गया है।

इस ऐप के जरिए बैटरी से जुड़ी कई जानकारियां देखी जा सकती हैं, जैसे—

  • बैटरी का चार्ज लेवल

  • वोल्टेज

  • करंट

  • तापमान

  • बैटरी साइकिल काउंट

  • प्रत्येक सेल की स्थिति

यह ऐप Bluetooth Low Energy (BLE) तकनीक पर काम करता है और लगभग 15 मीटर की दूरी तक बैटरी से कनेक्ट हो सकता है।

ई-रिक्शा से कैसे जुड़ता है यह ऐप?

भारत में चल रहे कई ई-रिक्शा में ब्लूटूथ सपोर्ट वाली चीनी BMS बैटरियां लगी होती हैं। कई मामलों में इन बैटरियों का ब्लूटूथ डिफॉल्ट रूप से सक्रिय रहता है और इन्हें सुरक्षित तरीके से कॉन्फिगर नहीं किया जाता। यदि कोई व्यक्ति बैटरी की ब्लूटूथ रेंज में पहुंच जाता है, तो वह ऐप के जरिए बैटरी से कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है। कनेक्शन स्थापित होने के बाद बैटरी की आउटपुट को नियंत्रित करने की संभावना रहती है, जिससे ई-रिक्शा रुक सकता है।

यात्रियों और चालकों की सुरक्षा पर सवाल

यदि चलती सड़क पर किसी ई-रिक्शा को अचानक बंद कर दिया जाए, तो इससे चालक, उसमें बैठे यात्रियों और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। साथ ही ई-रिक्शा चालक की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो सकती है।

सरकार ने लिया संज्ञान

मामले के सामने आने के बाद सरकार ने इस ऐप को लेकर संज्ञान लिया है। संबंधित ऐप को हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

गलत इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी

इंटरनेशनल कमीशन ऑफ साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन पवन दुग्गल के अनुसार, आधुनिक ई-रिक्शा केवल वाहन नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम भी हैं। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी डिजिटल सिस्टम में अनधिकृत हस्तक्षेप करता है, तो यह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

क्या है बड़ी चिंता?

जैसे-जैसे भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उनकी साइबर सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। यदि ब्लूटूथ या अन्य वायरलेस सिस्टम सुरक्षित नहीं होंगे, तो उनका दुरुपयोग होने का खतरा बना रहेगा।

क्या करें ई-रिक्शा मालिक?

  • बैटरी का डिफॉल्ट ब्लूटूथ पासवर्ड तुरंत बदलें।

  • यदि जरूरत न हो तो ब्लूटूथ फीचर बंद रखें।

  • केवल अधिकृत सर्विस सेंटर से ही बैटरी की सेटिंग बदलवाएं।

  • संदिग्ध ऐप या अनजान डिवाइस से बैटरी को कनेक्ट न होने दें।