उत्तराखंड के 'मिनी स्विट्जरलैंड' के रूप में मशहूर, गढ़वाल इलाके के हिल स्टेशन चोपता में साल भर सैलानियों का तांता लगा रहता है। यहां के हरे भरे बुग्याल और हिमालय के शानदार नजारे को देखने सैलानी खींचे चले आते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से यहां आने वाले सैलानियों की तरफ से फेंका हुआ कचरा यहां की खूबसूरती को खराब कर रहा है। इससे यहां की आबोहवा को भी खतरा पैदा हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चोपता में बढ़ते कूड़े के लिए यहां आने वाले सैलानी दोषी हैं। उनका कहना कि स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। हालांकि, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने कार्रवाई को भरोसा दिया है। उनका कहना है कि उन्हें इस परेशानी के बार में अभी पता चला है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां के घास के मैदानों में नो-गो-जोन के साइनबोर्ड लगे हैं, बावजूद इसके यहां सैलानी घूमते और पिकनिक मनाते हैं जिससे प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को खतरा पैदा होता है।
उत्तराखंड: चोपता में गंदगी से परेशान निवासी, सैलानियों को ठहराया जिम्मेदार
You may also like
Tamil Nadu: 16 यात्रियों से भरी टूरिस्ट वैन खाई में गिरी, कई लोगों के मारे जाने की आशंका.
श्रीनगर लाल चौक में 'जय श्री राम' बोलने पर पाबंदी? संत स्वामी गुरसिमरन सिंह मंड ने बताया कड़वा सच.
व्हीलचेयर पर संसद पहुंचे नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल.
मंत्रों पर सबका अधिकार, संत संसद में महामंडलेश्वर उमाकांतानंद सरस्वती का बड़ा बयान.