चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। इनके साथ उत्तर प्रदेश में नौ सीट पर और कई दूसरे राज्यों में उप-चुनाव कराए जाएंगे। लेकिन उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में पड़ने वाले मिल्कीपुर विधानसभा सीट को अब भी उप-चुनाव की तारीख का इंतजार है।
यहां से समाजवादी पार्टी के विधायक अवधेश प्रसाद लोकसभा चुनाव में जीत गए थे। उसके बाद से ये सीट खाली है।
उन्होंने फैजाबाद लोकसभा सीट पर बीजेपी के निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 54,000 से ज्यादा वोटों से हराया था। बीजेपी के लिए इस सीट पर हार एक झटका थी। खास कर जब अयोध्या भी फैजाबाद का हिस्सा हो।
बीजेपी अब बदला लेने की तैयारी में है। मिल्कीपुर सीट से 2022 में हारने वाले बीजेपी के बाबा गोरखनाथ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर कर अवधेश प्रसाद के चुनाव को चुनौती दी है। मामला कोर्ट में है। यही वजह है कि चुनाव आयोग उप-चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं कर सका।
अब बुधवार को बाबा गोरखनाथ ने कहा कि वे अपनी याचिका वापस लेंगे, ताकि मिल्कीपुर में उप-चुनाव का रास्ता साफ हो।
वोटरों का कहना है कि उन्हें इस ऐलान का बेसब्री से इंतजार था। उन्हें विकास को लेकर चिंता है। कुछ वोटरों ने मन बना लिया है कि वे किसे वोट देंगे।
समाजवादी पार्टी ने मिल्कीपुर से अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत परदेस को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें पूरा भरोसा है कि ये सीट बरकरार रहेगी। मिल्कीपुर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इसे समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है, हालांकि बीजेपी के बाबा गोरखनाथ ने 2017 में ये सीट जीती थी और 2022 में महज 13,000 वोटों से हार गए थे।
Uttar Pradesh: अयोध्या जिले के मिल्कीपुर विधानसभा सीट को उप-चुनाव का इंतजार
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