हॉरमुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ने के बीच 10 अगस्त को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत का उछाल आया। हॉरमुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति दोबारा सामान्य होने पर ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता कम हो सकती है। इससे महंगाई पर दबाव और केंद्रीय बैंकों की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी कम होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के समय ब्रेंट क्रूड 87.94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 0.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 82.35 डॉलर पर पहुंच गई। इस दौरान सोने की कीमत में भी तेजी देखी गई। सोना 0.87 प्रतिशत बढ़कर 4,429.51 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव भी बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से युद्ध, हमलों और विरोध प्रदर्शनों में हुई मौतों के लिए मुआवजे की मांग की है।
इससे पहले ईरान ने अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रखी थीं। इनमें पांच महीने से अधिक समय पहले उसके क्षेत्र में शुरू हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा भी शामिल है। रिपोर्ट के समय अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
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Dow Jones Futures: 53,925.26, 50.72 अंक यानी 0.09% नीचे
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S&P 500: 7,753.11, 4.53 अंक यानी 0.06% नीचे
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Nasdaq: 26,605.36, 85.26 अंक यानी 0.32% नीचे
सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में गिरावट का भी व्यापक बाजार पर दबाव पड़ा। रॉयटर्स के अनुसार, Intel के शेयर 4.1 प्रतिशत गिर गए। कंपनी ने शेयर बिक्री के जरिए 15 अरब डॉलर जुटाने की घोषणा की है। वहीं, Nvidia के शेयरों में 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। Apollo Global और Blackstone समेत कुछ वित्तीय कंपनियां Nvidia के साथ मिलकर AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए करीब 500 अरब डॉलर के फंडिंग पैकेज पर काम कर रही हैं।
अमेरिकी शेयर बाजार में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कंपनियों के तिमाही नतीजे मजबूत रहे हैं। अब तक S&P 500 की 436 कंपनियों में से करीब 85 प्रतिशत ने बाजार अनुमानों से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। US Bank Wealth Management के निवेश रणनीतिकार टॉम हैनलिन ने रॉयटर्स से कहा कि रिकॉर्ड मार्जिन और रिकॉर्ड कमाई बाजार की कहानी बनी हुई है, लेकिन ईरान संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितता निवेशकों के जोखिम लेने के रुख को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि संघर्ष का सीधा असर ऊर्जा क्षेत्र और तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। तेल की कीमतें 27 फरवरी के संघर्ष-पूर्व स्तर से अब भी ऊपर बनी हुई हैं। उनके मुताबिक, संकट से पहले की स्थिति में लौटने का रास्ता स्पष्ट नहीं होने के कारण बाजार में जोखिम का प्रीमियम बना हुआ है।