त्रिपुरा के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को पूरे राज्य में जारी है। सुचारू और निष्पक्ष प्रक्रिया पक्की करने के लिए सभी 35 वोटिंग सेंटर्स के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
चुनाव अधिकारियों, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम को खोला गया। एक चरण में हुए पंचायत चुनाव में सभी प्रमुख राजनैतिक दलों- सत्तारूढ़ बीजेपी और टीआईपीआरए मोथा के अलावा विपक्षी सीपीआईएम और कांग्रेस ने भी उम्मीदवार उतारे हैं।
ग्राम पंचायत निकायों की 6370 सीटों में से 4550 सीटें निर्विरोध रहीं। 1819 सीटों पर मुकाबला हुआ, जिनमें से बीजेपी ने 1818, सीपीआईएम ने 1222, कांग्रेस ने 731 और टीआईपीआरए मोथा ने 138 सीटों के अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
पंचायत समितियों में 423 में से 244 सीटों पर निर्विरोध जीत हुई है। 189 सीटों पर टक्कर देखने को मिली, जिसमें बीजेपी ने 188, सीपीआईएम ने 148, कांग्रेस ने 98, टीआईपीआरए मोथा पार्टी ने 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
इस बीच, 116 जिला परिषद सीटों में से 20 सीटें निर्विरोध रहीं, जबकि आठ अगस्त को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 96 सीटों के लिए वोटिंग हुई। इन चुनावों के नतीजे न केवल जमीनी स्तर पर नेतृत्व तय करेंगे बल्कि राज्य की राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं।