केरल के त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोड में पटाखा भंडारण गोदाम में हुए भीषण विस्फोट और आग में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना की पुष्टि केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने की है। इस त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें हालात की समीक्षा की गई और पीड़ितों के लिए राहत उपायों की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, मृतकों के परिजनों को तत्काल 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें 4 लाख रुपये राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) और 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष (CMDRF) से दिए जाएंगे।
कैबिनेट ने इस घटना को “विशेष आपदा” घोषित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अतिरिक्त सहायता और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें। घटना के कारणों की जांच और जिम्मेदारी तय करने के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए जस्टिस सीएन रामचंद्रन नायर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग गठित किया गया है।
घटना में घायल लोगों को SDRF के तहत मुआवजा और मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही, उनके इलाज का खर्च 6 महीने तक सरकार उठाएगी, चाहे इलाज सरकारी अस्पताल में हो या निजी अस्पताल में। जरूरत पड़ने पर 6 महीने के बाद भी इलाज का खर्च मुख्यमंत्री राहत कोष से वहन किया जाएगा, बशर्ते मेडिकल बोर्ड इसकी सिफारिश करे।
राहत और बचाव कार्यों के दौरान जिन निजी संपत्तियों की दीवारें तोड़ी गईं या खेत समतल किए गए, उनकी मरम्मत का खर्च भी SDRF से दिया जाएगा। डीएनए जांच और अंतिम संस्कार के लिए भी मानक प्रक्रिया (SOP) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर को 50 लाख रुपये की आपात राहत राशि खर्च करने की अनुमति दी गई है और आसपास के घरों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।