तमिलनाडु के पलानी में शनिवार को दो दिन के वैश्विक मुथमिज मुरुगन सम्मेलन की शुरुआत हुई। आध्यात्मिक नेता कुंद्राकुडी पोन्नमपाल आदिकाल, पेरूर अधीनम संथालिंगा मरुदचला आदिगल और मयिलम अधीनम ने तमिलनाडु के मंत्रियों पी. के. शेखर बाबू, आई. पेरियासामी और आर. सक्कारापानी की मौजूदगी में पारंपरिक कुथुविलाकु जलाया।
तमिलनाडु सरकार ने इस सम्मेलन का आयोजन किया है। इसमें सेमिनार, एग्जीबिशन, फोटो गैलरी और भगवान मुरुगन के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को दिखाने वाले थ्रीडी डिस्प्ले सहित कई कार्यक्रम होंगे। सम्मेलन में खास मेहमानों और अंतरराष्ट्रीय विद्वानों सहित लगभग 1,300 प्रतिभागियों के पांच अलग-अलग सेमिनारों में रिसर्च पेपर पेश करने की उम्मीद है।
समारोह की व्यवस्था और लोगों की लिए मदद के लिए स्वयंसेवकों और छात्रों को तैनात किया गया है। वहीं 2,000 से ज्यादा पुलिस कर्मी इसकी सुरक्षा कर रहे हैं। सम्मेलन में लोगों को खास बैग मिलेगा, जिसमें पलानी मंदिर का पवित्र प्रसाद पंचमीर्थम होगा।