Breaking News

ईरान से क्रूड ऑयल खरीद के लिए जापान के ऑयल खरीदरों ने बातचीत की     |   'भक्ति का दिखावा, लूट का पेशा... यही RSS का असली चेहरा', पवन खेड़ा का X पोस्ट     |   मोनाको ब्लास्ट केस: इंटरपोल ने संदिग्ध महिला की पहचान की, यूक्रेनी टाइकून था टारगेट     |   पीएम मोदी 6 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे     |   चढ़ावा चोरी केस: आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने कराई थी भव्य राम कथा, ₹50 लाख खर्च का दावा     |  

बेटे को किडनैप किया फिर 14 दिन का टॉर्चर

झारखंड के गढ़वा जिले में एक मां को माइक्रो फाइनेंस कंपनी से 40 हजार रुपये का लोन लेना महंगा पड़ गया. जब वो कर्ज की राशि नहीं चुका पाई तो माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उसके नाबालिग बेटे को अगवा कर लिया. 14 दिन तक नाबालिक लड़के को कंपनी के कर्मचारियों के द्वारा बंधक बनाकर रखा गया. इतना ही नहीं, कंपनी के कर्मचारियों ने महिला के नाबालिग बेटे की किडनी और आंख निकाल कर बेच देने की भी धमकी दी.

इधर मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कर्मचारी निगम यादव को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, एक अन्य कर्मचारी उमाशंकर तिवारी अभी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. बच्चे को भी सही सलामत बरामद करके उसकी मां को सौंप दिया गया है. मामला गढ़वा जिले के रोहनिया गांव का है.

यहां रहने वाले संतोष राम की पत्नी ने दो साल पहले एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी से 40 हजार रुपये का लोन लिया था. 22 हजार लोन की राशि चुकता कर दी गई थी. जबकि,18 हजार रुपया और कुछ ब्याज देना बाकी रह गया था.