मानव तकनीक आज भी मशीनों से बहुत आगे है। जब किसी भी आपदा में मशीनें फेल होने लगती हैं, तो मानव तकनीक काम आती है। उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग हादसे ने गत वर्ष नवंबर में ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसने मानव तकनीक की श्रेष्ठता को साबित कर दिया है। प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान के सहारे कुछ लोगों ने ऐसा कर दिखाया, जिसे अत्याधुनिक मशीनें भी पूरा करने में असमर्थ रहीं। विदेशी इंजीनियरिंग भी कुछ खास नहीं कर पा रही थी।