गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना (स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर) विकसित करने के लिए तय रोडमैप पर काम कर रही है। विदेश दौरे से लौटने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हर्ष संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और युवा विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि 'फिट इंडिया मूवमेंट' ने फिटनेस को जन आंदोलन का रूप दिया है, जबकि 'नशा मुक्त भारत अभियान' युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और सशक्त बनने के लिए प्रेरित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेल बजट में कई गुना बढ़ोतरी की गई है, जिससे देशभर में आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास हुआ है। इसके परिणामस्वरूप खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और आवश्यक सहयोग मिल रहा है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
हर्ष संघवी ने कहा कि केंद्र सरकार और गुजरात सरकार मिलकर भारत और गुजरात के युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि भारत हाल के वर्षों में खेलों में मिली सफलता को आगे बढ़ाते हुए 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए खेल बजट को आठ गुना बढ़ाया। वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अहमदाबाद में होगा। हम प्रधानमंत्री के 'फिट इंडिया' विजन को आगे बढ़ाएंगे और केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेलों में अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।"
उन्होंने कहा कि टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के माध्यम से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और मंच मिला है। खिलाड़ियों की मेहनत के दम पर भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में चौथे स्थान तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि "'फिट इंडिया' केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री की जीवनशैली का हिस्सा है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 भारत के लिए एक बड़ा अवसर है और हमारा प्रयास रहेगा कि देश पदक तालिका में पहले स्थान पर पहुंचे। अहमदाबाद इस आयोजन के जरिए नई मिसाल कायम करेगा।"