Breaking News

बिहार सीएम नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को बुलाई कैबिनेट की बैठक     |   कर्नाटक कांग्रेस के करीब 30 विधायक दिल्ली के लिए रवाना     |   पश्चिम बंगाल: नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने टीएमसी जॉइन की, बीजेपी से इस्तीफा     |   बिहार में नए सीएम बनाने की कवायद तेज, शिवराज सिंह चौहान ऑब्जर्वर बनाए गए     |   मुंबई: मशहूर गायिका आशा भोसले का ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन     |  

राभा जनजाती के लोग धूमधाम से मना रहे हैं बायखो त्योहार

 असम में मानसून की शुरुआत में राभा जनजाति 'बायखो' त्योहार धूमधाम से मनाती है। ये खेती से जुड़ा त्योहार है। इसमें किसान भरपूर फसल की कामना करते हुए जश्न मनाते है।  

 बुराई को जलाने का प्रतीक अलाव त्योहार का अहम हिस्सा होता है। अलाव के चारों ओर पारंपरिक नृत्य किए जाते हैं और समुदाय के लोग ईश्वर में अपना भरोसा जताने के लिए जलते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं।

बायखो त्योहार राभा जनजाति के लिए बहुत मायने रखता है। पर्व के सांस्कृतिक पहलू तो हैं ही, साथ ही ये त्योहार कुदरत के साथ जनजाति के जीवंत संबंधों के लिए भी जाना जाता है।