प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदगुजरात के सूरत में "जल संचय जन भागीदारी" पहल की शुरुआत करेंगे। इसका मकसद जल संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत बनाना है। यह पहल मौजूदा "जल शक्ति अभियान: कैच द रेन" अभियान की तरह है, जो लंबे वक्त तक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोलेबोरेटिव वाटर मैनेजमेंट के पीएम मोदी के विजन को आगे बढ़ाता है।
इस पहल का मकसद गुजरात में नागरिकों, स्थानीय निकायों, उद्योगों और स्टेकहोल्डरों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चरों को लागू करने के लिए प्रेरित करना है। इन कोशिशों के दूसरे राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में काम करने की उम्मीद है, जिससे टिकाऊ जल-प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा और पूरे देश में जल सुरक्षा बढ़ेगी।
ये कार्यक्रम मोदी के समाज के समग्र नजरिए की अपील को दिखाता है, जिसमें बारिश की हर बूंद को मूल्यवान संसाधन में बदलने की दिशा में सामूहिक पहल की अपील की गई है। इस पहल के तहत बनाए गए स्ट्रक्चर बारिश के पानी को इकट्ठा करने में अहम रोल निभाएंगे। साथ ही ये कम्युनिटी की तरफ से पानी को बचाने में गुजरात की कोशिशों को भी दिखाएगी। साथ ही ये कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की भागीदारी को भी बढ़ावा देगी।
गुजरात में ‘जल संचय जन भागीदारी’ पहल की शुरुआत करेंगे PM मोदी
You may also like
मिथुन चक्रवर्ती ने की शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा, कहा- पश्चिम बंगाल के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री.
पश्चिम भारत भीषण गर्मी की चपेट में, गुजरात के कुछ हिस्सों में 19 मई के बाद राहत के आसार.
तीसरे-चौथे बच्चे के जन्म पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि, आंध्र प्रदेश सरकार ने की घोषणा.
भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद लगा श्रद्धालुओं का तांता, हालात शांतिपूर्ण.