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Bihar: 85 साल के बुजुर्ग समेत पांच को कारावास की सजा, 34 साल पुराने गोलीकांड में आया फैसला

Bihar: बिहार के वैशाली जिले की एक अदालत ने 34 वर्ष पुराने हत्या के प्रयास के मामले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को मंगलवार को दोषी करार देते हुए कारावास की सुनाई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अदालत द्वारा दोषी करार दिये गए लोगों में 84 वर्षीय एक बुजुर्ग भी शामिल है।

एवं अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम मनोज कुमार तिवारी ने चार दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, जबकि 84 वर्षीय दीपा राय को उसकी कमजोर शारीरिक स्थिति और अधिक उम्र को देखते हुए तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाने के साथ उसे अंतरिम जमानत दे दी।

अदालत ने पांचों दोषियों दीपा राय, जगदीश राय, नरेश राय, नागदेव राय और नकेश्वर राय पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अतिरिक्त लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान ने बताया, “दोषियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 148 और 307 समेत संबंधित प्रावधानों तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दोषी करार दिया गया। अदालत ने बुजुर्ग दोषी दीपा राय को अंतरिम जमानत दे दी है।’’

यह मामला 10 नवंबर 1992 को जुरावनपुर थाना क्षेत्र के जुरावनपुर गांव में हुई एक घटना से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता अदालत राय और उनकी पत्नी रामसखी देवी अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी दीपा राय और उसके परिवार के अन्य सदस्य हथियारों के साथ वहां पहुंचे और रास्ते पर टूटे हुए कांच बिखेरने लगे।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक दंपति ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और बाद में उन पर गोली चलाई गई, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने मार्च 1993 में मामले में आरोपपत्र दाखिल किया और अदालत ने उसी वर्ष मई में मामले का संज्ञान लिया।

17 जून 1999 को आरोप तय किए गए। लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान मामले में नामजद चार आरोपियों की मृत्यु हो गई।