प्रदेश के मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों का वितरण नहीं हो रहा है। इसका पाठ्यक्रम भी फिलहाल लागू नहीं है। किताबों के अचानक गायब होने पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओपी राजभर ने नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन करीब ढाई माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया है। सूत्रों की मानें तो एनसीईआरटी की किताबों को अचानक बंद करने से पहले उच्चस्तरीय अनुमोदन भी नहीं लिया गया।