फरीदाबाद के उपायुक्त ने मंगलवार को जानकारी दी कि हरियाणा सरकार ने राज्यभर में विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। यह संशोधित वेतन संरचना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है। उपायुक्त कार्यालय द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, इस फैसले का लाभ असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिकों को मिलेगा, जिनमें अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिक शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि नई वेतन दरें लागू होने से जिले के बड़ी संख्या में कामगारों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
इससे पहले 8 अप्रैल को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अकुशल श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके तहत वेतन ₹11,257 से बढ़ाकर ₹15,220 प्रति माह कर दिया गया है। यह निर्णय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार श्रमिकों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन डिपो के आवंटन में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का भी फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ और ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है। साथ ही, एसिड अटैक पीड़ितों, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और विधवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।