बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की शिकायतों के बाद उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। सरकार ने बताया कि यह समिति मंदिर में मिलने वाले दान और चढ़ावे से जुड़ी शिकायतों की पूरी जांच करेगी। समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे। इसके अलावा संदीप तिवारी और जगत सिंह चौहान को समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।
इस बीच, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। मंदिर समिति के अनुसार, 2 जुलाई को सीसीटीवी फुटेज की जांच में प्रमोद नौटियाल गिनती के दौरान कुछ सामान अपने पास रखते हुए दिखाई दिए। इसके बाद उनसे 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा गया था। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। सरकार का कहना है कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी या विशेषज्ञ की मदद ले सकती है। साथ ही मंदिर में दान और चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए भी सुझाव देगी।