पेशे से स्पेशल एजुकेटर और पसंद से जैविक किसान। ये हैं केरल के पत्तनमतिट्टा की प्रिया पी. नायर। प्रिया ने अपने 200 वर्ग फुट की छत को खूबसूरत जैविक बगीचे में बदल दिया है।
प्रिया कोरेनचेरी के ब्लॉक रिसोर्स सेंटर में स्पेशल एजुकेटर हैं। वे अपने स्टूडेंट्स को बगीचा बनाने में भी मदद करती हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर हो सकें। खास बात है कि उनके बगीचे में सामान्य सब्जियों के अलावा औषधीय जड़ी-बूटियां भी उगती हैं।
प्रिया के बगीचे में इलायची और ब्राह्मी समेत कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां देखने को मिलती हैं। उन्होंने खेती का टिकाऊ तरीका अपनाया है, ताकि उपज के लिए नुकसानदेह कीटनाशकों का इस्तेमाल न हो। प्रिया प्राकृतिक खाद के रूप में गोमूत्र का इस्तेमाल करती हैं। कीटों से बचने के लिए गोंद लगे बोर्ड लगाए जाते हैं।