मलयालम फिल्म डायरेक्टर रंजीत जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट जारी होने के बाद सामने आए यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी के सामने गुरुवार को पेश हुए। एसआईटी ने उन्हें, उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों में पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ कोच्चि में कोस्टल आईजी ऑफिस में हुई, जहां रंजीत ने आईजी पूंगुझाली से मुलाकात की।
रंजीत के खिलाफ पहला केस 2009 में हुई घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल की एक फीमेल एक्टर की शिकायत पर आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला) के तहत दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2009 में फिल्म 'पलेरी माणिक्यम' में एक्टिंग के लिए बुलाने के बाद डायरेक्टर ने उन्हें गलत तरीके से छुआ था।
डायरेक्टर का दावा है कि उनके खिलाफ ये मामला फिल्म में नहीं चुने जाने पर महिला एक्टर की नाराजगी का नतीजा था, जो चाहती थीं कि उन्हें केरल चलचित्र एकेडमी के अध्यक्ष पद से हटा दिया जाए। आरोप सामने आने पर रंजीत ने अकादमी के अध्यक्ष पद से खुद ही इस्तीफा दे दिया था।
दूसरा मामला मेल एक्टर की शिकायत पर था। उसने आरोप लगाया था कि निर्देशक ने उसे 2012 में बेंगलुरू के होटल में बुलाया। इसके बाद कपड़े उतारने के लिए कहा और उसकी न्यूड तस्वीरें लीं।