राज्य में बेटियों को छात्रसंघ में 50 फीसदी आरक्षण की बात भले ही हो रही हो लेकिन हैरतअंगेज यह है कि वो पढ़ाई में ही लड़कों के बराबर नहीं हैं। व्यावसायिक शिक्षा महंगी होने और घर के पास उपलब्ध न होने के चलते बेटियां बेटों के मुताबिक इसमें पिछड़ रही हैं। इसकी तस्दीक सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों के आंकड़े कर रहे हैं।