दिल्ली के नए पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली उच्चस्तरीय बैठक में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को भ्रष्टाचार मुक्त रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की भ्रष्ट गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस उपायुक्त (DCP) और उससे ऊपर के अधिकारियों को संबोधित करते हुए अनुराग कुमार ने कहा कि पुलिस की विश्वसनीयता, अनुशासन और जनता का भरोसा हर हाल में बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपने काम में पारदर्शिता, जवाबदेही और पेशेवर व्यवहार अपनाने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने साफ कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार या रिश्वत लेने की विश्वसनीय शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। यह बैठक अनुराग कुमार के पुलिस आयुक्त का पद संभालने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी पहली बड़ी समीक्षा बैठक थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को 1994 बैच के AGMUT कैडर के IPS अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली पुलिस का नया आयुक्त नियुक्त किया। उन्होंने सतीश गोलचा की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अनुराग कुमार पदभार ग्रहण करने की तारीख से अगले आदेश तक दिल्ली पुलिस आयुक्त के पद पर बने रहेंगे। वहीं, पूर्व पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा को नई नियुक्ति के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल के पास रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
अनुराग कुमार ने ऐसे समय में पदभार संभाला है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद बिगड़ती तबीयत के चलते जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, वांगचुक डिहाइड्रेशन, कम पोटैशियम और बढ़े हुए कीटोन स्तर से जूझ रहे हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।