गुजरात के सूरत में वीटा विश्राम आर्ट गैलरी में तीन दिन चलने वाली कला प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। खास बात है कि प्रदर्शनी में पारंपरिक वारली पेंटिंग और मूर्तियां रखी गई हैं।
प्रदर्शनी में आने वालों ने कलाकृतियों की तारीफ की। इनमें प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर जीवन के अलग-अलग पहलुओं को दिखाया गया है।
पारंपरिक वारली पेंटिंग महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली में रहने वाली वारली जनजातियों की खासियत है। माना जाता है कि ये कला 1,200 साल पुरानी है।