Breaking News

‘सभी दल महिला आरक्षण बिल के पक्ष में वोट डालें’, वोटिंग से पहले PM मोदी की अपील     |   हमने 45 दिन में इजरायली दुश्मन के खिलाफ 2184 मिलिट्री ऑपरेशन किए: हिज्बुल्लाह     |   लोकसभा: ‘सरकार हर शंका का समाधान करेगी’, महिला आरक्षण बिल पर बोलीं अनुप्रिया पटेल     |   ‘राजनीति की तस्वीर बदलेगी, चरित्र बदलेगा’, महिला आरक्षण बिल पर बोलीं अनुप्रिया पटेल     |   ‘सदन में हमारी भागीदारी बढ़ाने का समय’, महिला आरक्षण बिल पर बोलीं अनुप्रिया पटेल     |  

बिहार में नई एनडीए सरकार बनने के बाद जेडीयू ने बुलाई विधायक दल की बैठक

बिहार में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज होती हुई दिख रही है। 15 नवंबर को सम्राट सरकार के गठन के दिन जदयू ने अपने विधायक दल की बैठक टाल दी थी। लेकिन अब अचानक से नीतीश कुमार के आवास 7 सर्कुलर रोड पर फिर से जदयू की बैठक बुला ली गई है। जदयू के विधायकों को 20 अप्रैल को पटना में हाजिर रहने को कहा गया है।

बिहार में नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। हालांकि ये बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक टाल कर उसे NDA विधायक दल की बैठक बनाया गया था। अब नई सरकार के मद्देनजर 20 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। हालांकि इसको लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। 

पहला कयास ये लगाया जा रहा है कि बिहार में अभी सिर्फ सम्राट चौधरी (सीएम), विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव (डिप्टी सीएम) ही मंत्रिमंडल में हैं। ऐसे में विभागों के बंटवारे के लिए कैबिनेट विस्तार होना तय है। कहा जा रहा है कि जदयू ने मंत्रिमंडल विस्तार में अपने कोटे के मंत्रियों की लिस्ट फाइनल करने के लिए ये बैठक बुलाई है। हालांकि पुष्ट रूप से कुछ भी नहीं बताया गया है।

जदयू विधायक दल की बैठक को लेकर ये कयास भी लगाए जा रहे हैं कि बिहार में निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। लिहाजा जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में निशांत कुमार को जदयू में बड़ी जिम्मेदारी देने को लेकर भी संभावना जताई जा रही है। बैठक का मकसद अभी तक साफ नहीं है।' एक तरह से देखा जाए तो ये बैठक 15 नवंबर को भी हो सकती थी, उस दिन जदयू विधायक दल की मीटिंग होनी जरूरी भी थी, क्योंकि बिहार में नई सरकार आकार लेने वाली थी। लेकिन नीतीश कुमार ने इसे टाल दिया। क्यों टाला गया, अब तक इसकी ठोस वजह नहीं बताई गई है। वहीं दूसरी तरफ ये भी चर्चा है कि नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर अभी कोई भी पुष्टि नहीं है।