मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में हुए नाव हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 40 वर्षीय मरीना, उनकी मां मधुर और उनका 4 साल का बेटा जहां शामिल हैं। यह परिवार कुल छह लोगों के साथ घूमने गया था। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए लोगों में मरीना के पति प्रदीप और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं।
परिवार के सदस्यों ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मरीना के भाई ग्लैडविन ने कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा सदमा है और उनके परिवार के तीन सदस्य इस हादसे में चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज को आगे बढ़ाया गया। साथ ही, लाइफ जैकेट भी समय पर नहीं दी गईं, जो गंभीर लापरवाही है।
मरीना के चचेरे भाई विनोद ने भी कहा कि मौसम खराब होने का अलर्ट पहले से था, फिर भी क्रूज को जाने की अनुमति दी गई। उनका कहना है कि अगर सावधानी बरती जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। परिवार के एक अन्य सदस्य ने भी प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि खराब मौसम में भी नाव को चलाया गया और अधिक पैसे कमाने के लिए यात्रियों की जान जोखिम में डाली गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।