तेलंगाना की नेता के. कविता को उनकी नई राजनीतिक पार्टी के नाम को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई 1,100 से अधिक शिकायतें मिलने के बाद की गई है। इनमें भारत राष्ट्र समिति (BRS) की ओर से भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।दरअसल, के. कविता ने अपनी नई पार्टी का नाम पहले 'तेलंगाना राष्ट्र सेना (TRS)' घोषित किया था। चुनाव आयोग ने इस नाम पर आपत्ति जताई, क्योंकि यह पूर्व की 'तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS)' से काफी मिलता-जुलता है। बाद में इसी पार्टी का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) कर दिया गया था।
चुनाव आयोग की सलाह के बाद के. कविता ने अपनी पार्टी का नाम बदलकर 'तेलंगाना रक्षणा सेना कर दिया। इस नाम में भी TRS का संक्षिप्त रूप (इनिशियल्स) बरकरार रखा गया है। हालांकि, पहले प्रस्तावित नाम को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर चुनाव आयोग ने अब उन्हें नोटिस जारी किया है।
के. कविता चुनाव आयोग की इस कार्रवाई से सहमत नहीं हैं। वह इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ सकती हैं और अदालत का रुख कर सकती हैं। के. कविता ने 25 अप्रैल को मेडकल में अपनी नई पार्टी की शुरुआत की थी। यह फैसला उन्होंने BRS से अलग होने के करीब सात महीने बाद लिया था।उन्होंने कहा था कि 'TRS' नाम से उनका और उनके साथियों का 20 साल का संघर्ष जुड़ा है, इसलिए वह इस नाम के शुरुआती अक्षर (TRS) को बनाए रखना चाहती हैं।
नई पार्टी के गठन के दौरान के. कविता ने BRS और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें तेलंगाना के युवाओं, किसानों और आम लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मुख्य रूप से तेलंगाना के क्षेत्रीय मुद्दों पर काम करेगी और ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।