असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को नलबाड़ी जिले में राज्य स्तरीय ड्रग्स नष्ट करने के अभियान की शुरुआत की। इस दौरान 472.51 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों और साइकोट्रॉपिक पदार्थों को नष्ट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खुद रोड रोलर चलाकर जब्त किए गए ड्रग्स को नष्ट करने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम दौलासाल स्थित 14वीं असम पुलिस बटालियन में आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के तहत 39.068 किलोग्राम मॉर्फीन, 58.88 किलोग्राम हेरोइन, 37,796.34 किलोग्राम गांजा, 2,29,449 कफ सिरप की बोतलें, 4,96,712 टैबलेट और कैप्सूल, 18,70,922 याबा (मेथामफेटामाइन) टैबलेट, 79.77 किलोग्राम अफीम समेत अन्य मादक पदार्थ नष्ट किए जाएंगे। इनकी कुल कीमत 472.51 करोड़ रुपये आंकी गई है।
सीएम सरमा ने बताया कि यह अभियान अगले 10 दिनों तक चलेगा। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई ड्रग डिस्पोजल मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "पिछले पांच वर्षों में हमने एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,300 मामले दर्ज किए हैं और 3,227 करोड़ रुपये से अधिक के ड्रग्स जब्त किए हैं। अब राज्य स्तर पर ड्रग्स नष्ट करने का अभियान शुरू किया गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत करने तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मणिपुर, मिजोरम, असम और पश्चिम बंगाल मिलकर काम करें तो ड्रग्स की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है और बड़े तस्करों तक पहुंचा जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार विपक्ष ने भी नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है और सरकार के कदमों का साथ दिया है।सीएम सरमा के मुताबिक, म्यांमार से पूर्वोत्तर राज्यों के रास्ते देश के अन्य हिस्सों तक ड्रग्स पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे असम एक ट्रांजिट रूट बन गया है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में ड्रग्स की खपत में कमी आई है। उन्होंने असम के लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में सरकार और असम पुलिस का पूरा सहयोग करें।