हरियाणा के जींद में कई किसानों ने कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद वे पराली जलाना जारी रखेंगे क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। एक किसान ने कहा, "सरकार एफआईआर दर्ज कराती रहेगी। हम अपना काम करेंगे। हमारे पास पराली जलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इसे कोई नहीं खरीदता। सरकार इसे खरीद ले तो हम नहीं जलाएंगे।"
उन्होंने सरकार से कहा कि जब तक पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल जाता तब तक एफआईआर दर्ज करते रहें। हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण विभाग ने अपने-अपने इलाकों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने में कथित नाकामी पर 24 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
इस मामले में 20 अक्टूबर को आदेश जारी किया गया था। जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें नौ जिलों- जींद, पानीपत, हिसार, कैथल, करनाल, फतेहाबाद, कुरूक्षेत्र, सोनीपत और अंबाला के कृषि निरीक्षक, पर्यवेक्षक और कृषि विकास अधिकारी शामिल हैं।
मंगलवार को जब पत्रकारों ने हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से 24 अधिकारियों को सस्पेंड करने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा, "कारण ये है कि पराली नहीं जलाई जाए। कुछ किसानों ने मजबूरी में ही सही, लेकिन गलत फैसला लिया है।"
हरियाणा के जींद में FIR दर्ज होने के बावजूद भी पराली जलाना जारी रखेंगे किसान
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