दिल्ली की एक अदालत ने ‘नर्मदा आंदोलन बचाओ’ की नेता मेधा पाटकर को मानहानि मामले में बीते दिनों दोषी करार दिया था. इसमें एक जुलाई को अदालत अपना फैसला सुनाएगी. दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण ने वीआईआर (पीड़ित प्रभाव रिपोर्ट) पेश कर दी है. मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पीड़ित को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए वीआईआर तैयार की जाती है.