सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर शनिवार को भक्तिमय माहौल देखने को मिला। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिलशाद गार्डन के पास स्थित दिल्ली-यूपी (अप्सरा) बॉर्डर के कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली पहुंचे शिवभक्तों का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और उनकी यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों से बातचीत कर उनकी यात्रा और रास्ते में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी कांवड़ियों की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की कामना की। इस दौरान दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक संजय गोयल और जितेंद्र महाजन समेत बड़ी संख्या में शिवभक्त, कांवड़ सेवा शिविरों के संचालक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने शिवभक्तों के लिए उपलब्ध भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिविर संचालकों और सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं से भी बातचीत की और उनके सेवा भाव की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करना आस्था, समर्पण और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन के दौरान हजारों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि हर कांवड़िया भगवान भोलेनाथ का स्वरूप है और सम्मान के योग्य है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार बड़ी संख्या में महिलाएं भी कांवड़ यात्रा में शामिल हो रही हैं। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि किसी भी शिवभक्त या कांवड़ सेवा शिविर को किसी तरह की परेशानी न हो।

दिल्ली सरकार की ओर से कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें नियमित सफाई, पर्याप्त पेयजल, मोबाइल शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं। इसके अलावा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कांवड़ शिविरों के लिए 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की व्यवस्था की गई है। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था भी लागू की गई है।

सरकार की ओर से कांवड़ समितियों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इसके तहत 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिन तक चलने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अन्य श्रेणियों के शिविरों के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाई गई है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था, श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने शिवभक्तों और दिल्लीवासियों को सावन की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और हर कांवड़िया सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा पूरी करे।