देहरादून रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात को हुआ बवाल अचानक नहीं हुआ। शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि घटना से पहले ही काफी लोग रेलवे स्टेशन के पिछले हिस्से में जमा हो गए थे। पुलिस यह जांच कर रही है कि आखिर अचानक बवालियों का हुजूम कहां से आ गया और कहां से इतनी संख्या में पत्थर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह सब कुछ अचानक नहीं हो सकता। वहीं, पुलिस भी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह बवाल कहीं सुनियोजित तो नहीं था।
अगर ऐसा है, तो इसके पीछे कौन लोग हैं। हालांकि आमतौर पर शांत रहने वाले देहरादून में अचानक दंगे जैसे हालात उत्पन्न होने और रेलवे स्टेशन पर पत्थर डंडे लेकर उपद्रवियों के पहुंचने की पुलिस को भी भनक न लगने पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
देहरादून रेलवे स्टेशन बवाल: बचाओ-भागो... और दौड़ पड़े लोग
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