Breaking News

दाखिल-खारिज व्यवस्था में सुधार, बिहार सरकार ने लागू किए नए प्रावधान     |   मुंबई-वडोदरा हाईवे पर BMW कार हादसे का शिकार, दो की मौत     |   सर्वे में ट्रंप को झटका, ईरान मुद्दे पर अधिकांश अमेरिकियों ने जताई नाराजगी     |   कच्चे तेल की कीमतों में 3% उछाल, ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर के करीब पहुंचा     |   US-ईरान बातचीत में सहमति, तकनीकी समूहों का काम जारी     |  

ईडी छापों को लेकर सीएम सिद्धारमैया ने केंद्र पर साधा निशाना, कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने का लगाया आरोप

Karnataka: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों पर कांग्रेस नेताओं को लगातार निशाना बनाने का मंगलवार को आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस सदस्यों की संपत्तियों पर छापे मारे जाने का संदर्भ देते हुए सवाल उठाया कि बीजेपी नेताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?

सिद्धरमैया प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। यह कार्रवाई क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े धनशोधन के एक मामले में की गई, जिसमें कर्नाटक के कांग्रेस विधायक एन. ए. हारिस के बेटों एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के पोते समेत कई लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए।

सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार हमेशा कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाती है। क्या वे भाजपा नेताओं के घरों पर छापा मारेंगे?’’ इस ऑपरेशन के तहत धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत शहर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर तलाशी ली गई।

अधिकारियों के अनुसार, जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें विधायक के बेटों- मोहम्मद हारिस नलपद और उमर फारूक नलपद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. रहमान खान के पोते अकीब खान तथा कथित क्रिप्टो हैकर श्रीकृष्ण रमेश उर्फ ‘श्रीकी’ के ठिकाने शामिल हैं।

धनशोधन का ये मामला कर्नाटक पुलिस की प्राथमिकी और आरोप-पत्र से जुड़ा है। यह प्राथमिकी एवं आरोप-पत्र 2017 में दायर किये गये थे। इस मामले में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट को हैक करना, बिटकॉइन की चोरी करना और इन्हें ‘वर्चुअल डिजिटल एसेट्स’ (वीडीए) को क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचना शामिल था।

ये सब कथित रूप से श्रीकी और उसके सहयोगियों द्वारा किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद हारिस नलपद, उमर फारूक नलपद और अकीब खान पर आरोप है कि वे इस क्रिप्टो से जुड़ी गतिविधियों से अर्जित ‘अपराध की आय’ के लाभार्थी थे।