आरजेडी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने गुरुवार को यह कहते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया कि वे आरजेडी में 'ठगा हुआ' महसूस कर रहे हैं। बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक ने आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वो पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ रहे हैं।
श्याम रजक ने कहा, "मैंने तो लिख दिया है कारण कि मैं शरतंज का शौकीन नहीं था। इसलिए मैं धोखा खा गया। लोग मोहरे चल रहे थे, मैं रिश्ता निभा रहा था। दगा नहीं, मुझे लगा कि मेरे साथ अन्याय हुआ। उन्हें लगता है कि नहीं लगता है वो जाने, मुझे लगता है कि मेरे साथ दगा हुआ है।"
उन्होंने कहा, "मेरी नीतीश जी के साथ मुलाकात बराबर होती रहती है, आपको बता दूं कि जिस दिन जनता दल यू छोड़ा था, उसके दो दिन के बाद भी मुलाकात हुई थी। अब बराबर मुलाकात होती है। मेरे रिश्ते आज भी सही है, कभी टूटा नहीं है।"
श्याम रजक के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, "श्याम रजक जी के इस्तीफे का पत्र उनके ही सोशल साइट पर तैर रहा था। चर्चा कई दिनों से थी। चूंकि वो शतरंज के शौकीन थे, धोखा देना उनकी आदत है। तेजस्वी जी तो गले लगाते हैं और रिश्तेदारी निभाना तेजस्वी जी ही जानते हैं। लेकिन जिनको आदत है, एक दल से दूसरे दल में लगातार आने-जाने की, भला उनको कौन शतरंज का मोहरा बनाना चाहेगा, वो आए और गए। उनका निर्णय है। दल बड़ा होता है, व्यक्ति बड़ा नहीं होता है।"