Bihar: हथकरघा से रेशमी साड़ी बनाने वाले बुनकरों का समय के साथ काम करने का तरीका बदल गया है, अब वो मशीन से रेशमी साड़ियां बना रहे हैं। दुर्गा पूजा और त्योहार के वक्त इन साड़ियों की काफी डिमांड रहती है।
बिहार में भागलपुर के दुकानदार भी बताते हैं कि त्योहार के सीजन में रेशमी और सूती साड़ियों की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि बुनकर इससे बहुत ज्यादा खुश नहीं है। वो बताते हैं कि त्योहार के सीजन में ही कमाई हो पाती है, जबकि आम दिनों में काम काज लगभग ठप रहता है।
ऐसे में भागलपुर के बुनकर सरकार से मदद की दरकार कर रहे हैं। वो चाहते हैं कि सरकारी पारंपरिक रेशमी साड़ियों की कारीगरी और इस उद्योग को दोबारा से खड़ा करने के लिए कम दर पर कच्चा माल मुहैया कराने के लिए मदद करे।