संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार और उसे पारित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को सदन में विचार के लिए पेश करेंगे। यह विधेयक 20 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार नारेबाजी के बीच लोकसभा में पेश किया गया था। लोकसभा की आज की कार्यसूची के अनुसार, अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में आगे संशोधन करने वाले विधेयक को विचार के लिए लेने और पारित करने का प्रस्ताव रखेंगे।
वहीं, सांसद सौगत राय, एनके प्रेमचंद्रन और डीन कुरियाकोस राष्ट्रपति द्वारा 16 मई को जारी सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को अस्वीकार करने के लिए वैधानिक प्रस्ताव भी पेश करेंगे। यह संशोधन विधेयक सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में बदलाव से जुड़ा है।
दिन की शुरुआत में किरेन रिजिजू और गौरव गोगोई कार्य सलाहकार समिति की 17वीं रिपोर्ट पेश करेंगे। वहीं, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और मन्ना लाल रावत कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति की तीन रिपोर्ट पेश करेंगे। इनमें इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और 'मेड इन इंडिया' इस्पात उत्पादन के रोडमैप से जुड़ी रिपोर्ट भी शामिल है। रेल मंत्री रवनीत सिंह रेलवे मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों पर स्थायी समिति की 8वीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर बयान देंगे।
इसके अलावा, सदन में कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 पर गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा मानसून सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। इसके बाद विभिन्न मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
उधर, राज्यसभा में भी आज रक्षा से जुड़े मुद्दों पर लोक लेखा समिति (PAC) की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इनमें धनुष तोप प्रणाली के उत्पादन में देरी और ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, बदमाल द्वारा सेना को दोषपूर्ण गोला-बारूद बदलने के कारण हुए 62.10 करोड़ रुपये के नुकसान से संबंधित रिपोर्ट शामिल हैं। बीजेपी सांसद के. लक्ष्मण और कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह 2026-27 के लिए लोक लेखा समिति की चार रिपोर्टों की हिंदी और अंग्रेजी प्रतियां सदन के पटल पर रखेंगे। इनमें रक्षा क्षेत्र में ऑफसेट प्रबंधन और ऑडिट रिपोर्ट पर समय पर कार्रवाई न किए जाने से संबंधित रिपोर्ट भी शामिल हैं।
राज्यसभा में कोयला, खान और इस्पात संबंधी विभागीय स्थायी समिति की तीन रिपोर्ट भी पेश की जाएंगी। इनमें इस्पात क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और 'मेड इन इंडिया' इस्पात उत्पादन के रोडमैप से जुड़ी रिपोर्ट तथा कोयला और खान मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट शामिल हैं। बता दें कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और 13 अगस्त तक चलेगा।