क्रिकेट के मैदान में मोहम्मद शमी की वापसी बेहद प्रेरक है। 2023 में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के दौरान टखने में जोरदार चोट लग गई थी। इसके बाद शमी का अंतरराष्ट्रीय करियर अधर में लटका दिख रहा था। वे करीब एक साल तक मैदान से बाहर रहे।
शमी ने अपनी ताकत और फिटनेस हासिल करने के लिए जीतोड़ मेहनत की। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेलते हुए क्रिकेट में वापसी की। 34 साल के तेज गेंदबाज की वापसी अभूतपूर्व थी। उन्होंने अपने पहले मैच में 54 रहन देकर चार विकेट लिए। इसके साथ ही वे चयनकर्ताओं की नजरों में आ गए। अपने शानदार खेल की बदौलत उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत की टीम में जगह मिली।
चैंपियंस ट्रॉफी में शमी ने भारत की कामयाबी में अहम योगदान दिया। उन्होंने पांच मैच में नौ विकेट लिए। इनमें ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश के खिलाफ 53 रन देकर पांच विकेट भी शामिल है। चैंपियंस ट्रॉफी में वे भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। शमी ने फाइनम मैच में न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले डेरिल मिशेल का विकेट लिया। भारत ने ये मैच चार विकेट से जीतकर तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया।