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'ये नुकसान जैसा है', कोहली के अचानक टेस्ट से संन्यास पर बोले दीप दासगुप्ता

सोमवार को विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा के बाद क्रिकेट जगत ने गहरा दुख जताया। इस पल का दर्द महसूस करने वालों में भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दास गुप्ता भी शामिल हैं। दासगुप्ता ने कहा, "थोड़ा आश्चर्य और सदमा और थोड़ा खालीपन... ये नुकसान जैसा है।"

ये घोषणा रोहित शर्मा के जाने के कुछ ही दिनों बाद और रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के कुछ महीनों बाद की गई है, जो भारतीय टीम में तेजी से और नाटकीय पीढ़ीगत बदलाव को रेखांकित करती है। "मैं व्यक्तिगत रूप से अगले छह, आठ महीनों के लिए इसके लिए तैयार था, लेकिन रोहित और अश्विन के साथ चीजें इतनी जल्दी हो जाती थीं और अब विराट... ऐसा हर 10-15 साल में होता है, लेकिन ये दुखद है।"

कोहली के हालिया फॉर्म के बारे में चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन दीप का मानना ​​है कि उनके प्रभाव को केवल आंकड़ों तक सीमित करके, खेल में उनके योगदान का सार खो दिया जाता है। "कुछ ठोस चीजें हैं और कुछ अमूर्त चीजें हैं... तीव्रता, तेज गेंदबाजी को देखने के हमारे नजरिए में क्रांतिकारी बदलाव, घर से बाहर जीतना... अगर हम केवल आंकड़ों के आधार पर उनके योगदान का आकलन करें तो ये शर्म की बात होगी।"

दरअसल, कोहली का असर आंकड़ों से कहीं आगे निकल गया। उनकी आक्रामकता, ऊर्जा और फिटनेस पर जोर ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए एक नया खाका तैयार किया- एक ऐसी टीम जो विदेशी हालात में भी शानदार प्रदर्शन करती रही और संघर्ष से पीछे नहीं हटी। दीप ने कहा, "एक बड़ी कमी होने जा रही है... विराट का असर बहुत ज्यादा रहा है। उनकी मौजूदगी ही बहुत बड़ी थी।"