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वाराणसी का रुद्रेश्वर शिव मंदिर है खास, गंगा-जमुनी तहजीब की पेश कर रहा मिसाल

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में वाराणसी के कंदवा में रुद्रेश्वर शिव मंदिर के शांत माहौल में, एक मुस्लिम महिला नूर फातिमा हर सुबह गायत्री मंत्र का जाप करने और भगवान शिव की पूजा करने आती हैं। लेकिन नूर फातिमा की ये कहानी उस समय से शुरू हुई जब उन्होंने पड़ोस में हुई दुखद मौतों के बाद शिव मंदिर बनाने का फैसला किया।

नूर फातिमा की मानें, तो भगवान शंकर ने सपने में आ कर उनसे मंदिर निर्माण करवाने को कहा। समय बीतने के साथ, नूर को एक ऐसी आस्था से जुड़ाव महसूस हुआ जो कभी उसके लिए अनजान थी।

पेशे से वकील नूर फातिमा भले ही दूसरे धर्म से ताल्लुक रखती हों लेकिन शिव भक्त उन्हें अपने में से एक मानते हैं। वे कहते हैं कि आस्था के लिए पहचान मायने नहीं रखती। इस बात की गवाही नूर फातिमा की कोशिशों से बना शिव मंदिर दे रहा है।

यहां वक्त रुकता नहीं है। 2004 में बना शिव मंदिर गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बन चुका है। साथ ही ये नूर फातिमा की भगवान शिव के लिए भक्ति की भी याद दिलाता है।