Breaking News

नेपाल में ईंधन संकट के बीच सरकार का फैसला, अब हफ्ते में दो दिन छुट्टी     |   बंगाल के कूचबिहार पहुंचे पीएम मोदी, जनसभा को कर रहे संबोधित     |   कूचबिहार में प्रधानमंत्री मोदी बोले - रैली ने बदलाव पर मुहर लगा दी, बीजेपी की होगी प्रचंड जीत     |   बंगाल में संविधान की प्रक्रिया भी सुरक्षित नहीं, अधिकारियों को बंधक बनाया गया: PM मोदी     |   चुनाव में लालच रोकने के लिए ECI का एक्शन, जब्त किए ₹650 करोड़ की नकदी-शराब     |  

Cholesterol: जानें शरीर में कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल का लेवल

बहुत से लोग कोलेस्ट्रॉल को बुरा समझते हैं. कुछ मामलों में यह स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा हानिकारक होता है. हालांकि, सभी कोलेस्ट्रॉल स्वास्थ्य के लिए बुरे नहीं होते हैं. और स्वस्थ रहने के लिए  कुछ हेल्दी कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए जरूरी होते है. 

कोलेस्ट्रॉल मुख्य तौर पर दो भागों में डिवाइड किया जाता है. एक बैड कोलेस्ट्रॉल होता है, जो शरीर में ज्यादा हो जाए, तो हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा पैदा कर सकता है. गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए अच्छा होता है. इसकी मात्रा अच्छी हो, तो हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है.

इन दोनों को कंबाइन करके टोटल कोलेस्ट्रॉल काउंट किया जाता है. इनके अलावा खून में ट्राइग्लिसराइड्स नामक लिपिड भी पाया जाता है, जो अनकंट्रोल हो जाए, तो बैड कोलेस्ट्रॉल के साथ मिलकर हार्ट हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित करता है. ऐसे में लोगों को गुड-बैड कोलेस्ट्रॉल के साथ ट्राइग्लिसराइड्स को भी कंट्रोल में रखना चाहिए.

जानें LDL कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल लेवल

LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल लेवल 100 mg/dL से कम माना जाता है. अगर इसकी मात्रा 130 mg/dL या इससे ज्यादा हो जाए, तब इसे बॉर्डर लाइन माना जाता है. 160 mg/dL या इससे ज्यादा बैड कोलेस्ट्रॉल हो जाए, तब इसे हाई कोलेस्ट्रॉल माना जाता है. 190 mg/dL से ज्यादा हो जाए, तब इसे डेंजर जोन माना जाता है. इस कंडीशन में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.