Breaking News

केरलम में प्रधानमंत्री मोदी बोले- LDF सरकार जाएगी, जनता को NDA पर भरोसा     |   राजस्थान SI भर्ती 2021: HC ने सिंगल बेंच का फैसला बरकरार रखा, अभ्यर्थियों को झटका     |   'झूठ फैलाने में माहिर हैं LDF-UDF', केरल में विपक्षी गठबंधन पर PM मोदी का निशाना     |   अफगानिस्तान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप में एक घर ढहने से 8 लोगों की मौत     |   अमेरिकी विमानों को गिराए जाने का ईरान के साथ बातचीत पर नहीं पड़ेगा कोई असर: ट्रंप     |  

800 से 1600 सीसी की अमेरिकी बाइक पर शून्य शुल्क, हार्ले-डेविडसन को होगा फायदा

Harley-davidson Bikes: भारत अंतरिम व्यापार समझौते के तहत 800-1,600 सीसी और उससे अधिक इंजन क्षमता वाली अमेरिकी मोटरसाइकिलों के लिए शून्य-शुल्क पहुंच देगा। एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि इस कदम से प्रतिष्ठित अमेरिकी ब्रांड हार्ले-डेविडसन को फायदा होगा। 

पिछले साल सरकार ने पूरी तरह से निर्मित इकाइयों (सीबीयू) के रूप में आयातित 1,600 सीसी तक की इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया था। दूसरी ओर 1,600 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों के लिए शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया था।

भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते पर संयुक्त बयान जारी किया। इस पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। अधिकारी ने कहा कि शुल्क समाप्ति समझौते के लागू होने के दिन से प्रभावी होगी। भारत 'हाई-एंड प्रीमियम' बाइक के लिए एक छोटा बाजार है और इस खंड में अमेरिका की हिस्सेदारी बहुत कम है।

हीरो मोटोकॉर्प और हार्ले-डेविडसन ने अक्टूबर 2020 में भारतीय बाजार के लिए साझेदारी की घोषणा की थी। इस सौदे के तहत हीरो मोटोकॉर्प को देश में हार्ले-डेविडसन ब्रांड के तहत प्रीमियम मोटरसाइकिलों की एक श्रृंखला विकसित करने और बेचने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा, उसे हार्ले बाइक के लिए सर्विस और पुर्जों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने का भी काम सौंपा गया है।

हीरो मोटोकॉर्प को विशेष हार्ले-डेविडसन डीलरों और देश में अपने मौजूदा बिक्री नेटवर्क के माध्यम से हार्ले एक्सेसरीज, अन्य सामान, राइडिंग गियर और परिधान बेचने का भी अधिकार प्राप्त है। अधिकारी ने आगे बताया कि व्यापार समझौते के तहत भारत अमेरिकी कारों के आयात पर भी शुल्क रियायत देगा। इसमें 2,500 सीसी और उससे अधिक इंजन क्षमता वाले डीजल वाहन और 3,000 सीसी और उससे अधिक क्षमता वाले पेट्रोल वाहन शामिल हैं।

अमेरिका भी भारत से आने वाले कुछ ऑटो घटकों पर जवाबी शुल्क हटा देगा, जबकि कुछ अन्य पुर्जों पर यह 18 प्रतिशत होगा।