उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बीते रविवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से मुलाकात की और भारतीय आवास परियोजना एवं मछुआरों के मुद्दों सहित दोनों दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों के बीच विभिन्न पहलों पर चर्चा की। दो दिवसीय दौरे पर रविवार सुबह में कोलंबो पहुंचे राधाकृष्णन ने दिसानायके के साथ श्रीलंका में जारी भारतीय परियोजना के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की।
कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खेल मंत्री सुनील कुमार गामागे और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने 49 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आए उप-राष्ट्रपति राधाकृष्णन का स्वागत किया। राधाकृष्णन की यह यात्रा किसी भारतीय उप-राष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली यात्रा है। राधाकृष्णन ने भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और विकास आधारित द्विपक्षीय सहयोग पर जोर दिया।
राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने साझा इतिहास और मजबूत सभ्यतागत रिश्तों पर आधारित बहुआयामी भारत-श्रीलंका संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर सार्थक चर्चा की।’’ दोनों नेताओं ने विभिन्न पहल पर व्यापक चर्चा की, जिनमें भारतीय आवास परियोजना और श्रीलंका में चक्रवात दित्वा से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पैकेज के तहत कार्यान्वित की जा रही परियोजनाएं शामिल हैं।
चक्रवात के कारण भारतीय मूल के तमिल समुदाय के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और पुनर्वास के प्रयास पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मछुआरों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से मछुआरों से जुड़े मुद्दों को हल करने पर भी चर्चा की। मछुआरों का मुद्दा भारत और श्रीलंका के संबंधों में एक विवादास्पद विषय है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की श्रीलंकाई राष्ट्रपति से मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर
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