ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का होर्मुज ब्लॉकेड फेल होता दिख रहा है. अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद अमेरिका की नाक के नीचे से दनदनाते हुए तेल-गैस के जहाज होर्मुज पार कर रहे हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मंगलवार को अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद पिछले 24 घंटों में 20 से अधिक कमर्शियल जहाजों ने अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया.
होर्मुज पर यह नाकाबंदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर सोमवार से लागू हुई. यह आदेश तब आया जब पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत से जंग खत्म करने के प्रयासों में कोई सफलता नहीं मिली. ये जहाज होर्मुज ऐसे वक्त में पार कर रहे हैं, जब अमेरिका ने साफ कह रखा है कि अगर होर्मुज से किसी जहाज ने निकलने की कोशिश की तो उसे पार करने नहीं दिया जाएगा और उस पर अटैक होगा.
होर्मुज पर वॉल स्ट्रीट की यह रिपोर्ट अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयानों के विपरीत है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया था कि कोई भी जहाज ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को पार नहीं कर पाया है और छह मालवाहक जहाजों ने वापस लौटने के आदेशों का पालन किया है.
सेंटकॉम (CENTCOM) ने कहा कि यह नाकाबंदी केवल उन जहाजों पर लागू होती है जो ईरानी बंदरगाहों में आ-जा रहे हैं और दूसरे जहाज इस जलमार्ग से गुजरने के लिए आजाद हैं. इसमें आगे कहा गया, ‘अमेरिकी सेना उन जहाजों के लिए नेविगेशन की आजादी का समर्थन कर रही है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गैर-ईरानी बंदरगाहों तक आ-जा रहे हैं.
हालांकि, समुद्री ट्रैकिंग फर्म केपलर (Kpler) के डेटा के मुताबिक, अमेरिकी नाकाबंदी लागू होने के कुछ ही घंटों के अंदर कम से कम दो जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर गए और तीसरा जहाज रात में गुजरा. इस अमेरिकी अधिकार को चुनौती देने वाला पहला जहाज लाइबेरिया का झंडा लगा हुआ मालवाहक जहाज ‘क्रिस्टियाना’ था. इसने ईरान के बंदरगाह ‘बंदर इमाम खोमेनी’ पर मक्का उतारा था और नाकाबंदी लागू होने के ठीक दो घंटे बाद ईरान के ‘लारक द्वीप’ को पार किया.
दूसरा जहाज कोमोरोस का झंडा लगा हुआ टैंकर ‘एल्पिस’ था. यह भी लगभग उसी समय स्ट्रेट से गुजरा. ‘एल्पिस’ 31 मार्च को ईरान के बंदरगाह ‘बुशेहर’ से 31,000 टन मेथनॉल लेकर रवाना हुआ था. केपलर के डेटा के मुताबिक, रात में एक तीसरा जहाज यानी चीनी टैंकर ‘रिच स्टारी’ लारक द्वीप के दक्षिण में ईरान द्वारा मंजूर किए गए रास्ते से स्ट्रेट को पार कर गया.
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया की अनुमानित 20-25 प्रतिशत तेल आपूर्ति गुजरती है. इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही में कोई भी लगातार रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाजारों में तुरंत हलचल मचा देगी. फिलहाल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर अटैक किया था. इस अटैक के बदले में ईरान ने होर्मुज को ही बंद कर दिया. तब से इस होर्मुज को खोलने की कवायद जारी है. अब तक इसमें किसी को सफलता नहीं मिली है.