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लेबनान पर इजराइल के हवाई हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य किया बंद, युद्धविराम पर संकट

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। लेबनान में इजराइल द्वारा किए गए ताजा हवाई हमलों के बाद स्थिति और अधिक बिगड़ गई है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है और संभावित युद्ध-विराम पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

इजराइली वायुसेना ने लेबनान के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए हमले किए, जिनमें कथित तौर पर हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को टारगेट किया गया। इन हमलों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और आम नागरिकों के हताहत होने की भी खबरें सामने आई हैं। इजराइल का कहना है कि यह कार्रवाई उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक थी, जबकि लेबनान और हिज़्बुल्लाह ने इसे आक्रामकता करार दिया है।

इसी बीच, ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला लिया है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका जताई जा रही है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बदल सकता है और इससे अमेरिका समेत पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया भी तेज हो सकती है। अमेरिका पहले ही इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ा चुका है और उसने जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस घटनाक्रम के चलते पहले से चल रही युद्ध-विराम की कोशिशें भी कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। हालांकि, जमीन पर हालात तेजी से बदल रहे हैं और किसी भी समय स्थिति और बिगड़ सकती है। कुल मिलाकर, इजराइल, लेबनान और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा सकता है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका इस संकट को संभालने में बेहद अहम होगी।