संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की ओर से 17 अगस्त को 45 पदों के लिए लेटरल एंट्री के जरिए भर्ती निकाली गई थी. इसका विज्ञापन जारी होते ही देश में सियासी घमासन छिड़ गया था. विपक्ष के साथ-साथ कई NDA के नेताओं ने भी मोदी सरकार के इस फैसले का विरोध किया. अब केंद्र सरकार ने इस फैसले को वापस ले लिया है.
केंद्र सरकार के इस फैसले पर यू-टर्न लेने के बाद विपक्ष सरकार पर हावी होता दिख रहा है. लेटरल एंट्री का विरोध करने वाली पार्टियां सरकार के इस फैसले के बाद विपक्ष की ताकत का गुणगान कर रहे हैं. उनका कहना है कि अब वक्त आ गया है कि सरकार देश की बात सुनना शुरू करे.