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यवतमाल इलाके में नहीं रूक रही किसानों की आत्महत्या, सरकार से वजह दूर करने की अपील

Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र के विदर्भ में कपास की खेती के लिए मशहूर यवतमाल जिले में किसानों की खुदकुशी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले कुछ दशकों में बेमौसम बारिश, कम एमएसपी, फसल की कीमत में गिरावट और महंगाई की वजह से खुदकुशी के मामले बढ़े हैं। कर्ज में दबे किसान कोई चारा न देखकर जिंदगी खत्म कर देते हैं।

कलावती बंदुरकर एक किसान की विधवा हैं। राहुल गांधी 2008 में जलका गांव में उनके घर गए थे। इसके बाद वे विदर्भ के कृषि संकट का चेहरा बन गई थीं। वे बताती हैं कि किसान उपज की सही कीमत न मिलने की वजह से खुदकुशी कर रहे हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अगले महीने हैं। इससे पहले जिले में कपास किसानों की गंभीर हालत फिर उभर गई है। संकट की मूल वजहों से निपटने के लिए फौरन असरदार नीतियां बनाने, लागू करने और मदद की प्रक्रिया तय करने की जरूरत है।