सरकार ने वित्त और राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडेय को बाजार नियामक सेबी का चेयरमैन नियुक्त किया है। वो माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है। कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की गुरुवार को जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 1987 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी पांडेय को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) का चेयरमैन नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति पदभार संभालने की तारीख से शुरू में तीन साल या अगले आदेश तक, इनमें से जो भी पहले हो, के लिए की गई है।
पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल में पांडे को उनकी व्यापक भूमिका के लिए जाना जाता है. तुहिन कांत पांडे ओडिशा कैडर के 1987 बैच के अधिकारी हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार में चार महत्वपूर्ण विभागों की देखरेख की है.
पिछले महीने 9 जनवरी को वित्र मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने पांडे को वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में सचिव नियुक्त किया था. आदेश में यह भी कहा गया है कि पांडे वित्त सचिव के पद पर बने रहेंगे.
1987 बैच के ओडिशा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी पांडे तीन विभागों के सचिव थे. इसमें 24 अक्टूबर 2019 से निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM), 1 अगस्त 2024 से लोक उद्यम विभाग (डीपीई) और 4 नवंबर 2024 से कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग सम्मिलित हैं. डीआईपीएएम और डीपीई दोनों वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करते हैं.
पांडे ने निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग में सचिव के रूप में कार्य करने से पहले, संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के क्षेत्रीय कार्यालय में कार्य करने के अलावा, केंद्र सरकार और ओडिशा राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. केंद्र सरकार में पांडे योजना आयोग (अब नीति आयोग) में संयुक्त सचिव, मंत्रीमंडल सचिवालय में संयुक्त सचिव और वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव के रुप में कार्यरत रहे हैं.
ओडिशा सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन, वाणिज्यिक कर, परिवहन और वित्त विभागों में प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कार्य किया. उन्होंने ओडिशा राज्य वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक और ओडिशा लघु उद्योग निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य किया है.
पांडे ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री और यूके यानी ब्रिटेन स्थित बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की है. ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले पांडे ने लंबे समय तक DIPAM के सचिव के रूप में काम किया है. उन्हें विशेष रूप से एयर इंडिया, नीलाचल इस्पात के निजीकरण और LIC की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश ( IPO ) में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है. 2021 में, उन्होंने कुछ समय के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सचिव के रूप में भी काम किया , जहां उन्होंने संघर्षरत राष्ट्रीय वाहक, एयर इंडिया की टाटा समूह को सफल बिक्री की देखरेख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.