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जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर, जानिए कैसे चुना जाएगा नया उप-राष्ट्रपति

उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया। जगदीप धनखड़ ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा और यह उनकी अपील के आधार पर तत्काल मंजूर भी हो गया है। उप-राष्ट्रपति का पद खाली होने के मामले में संविधान के अनुच्छेद 68 (2) के तहत, खाली पद को भरने के लिए "जल्द" चुनाव होना जरूरी है। नया उप-राष्ट्रपति चुने जाने तक राज्यसभा में उनकी जिम्मेदारी उप-सभापति या राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त कोई सदस्य करता है।

भारत के उप-राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल करता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा, दोनों के सभी सांसद और मनोनीत सांसद भी शामिल होते हैं। सांसद उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में क्रमबद्ध करके अपना वोट देते हैं। अगर पहले चरण में किसी भी उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिलता है, तो दूसरी वरीयता के आधार पर वोटों को बांटा जाता है।ये तब तक जारी रहता है जब तक कि कोई एक उम्मीदवार बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर लेता। पूरी प्रक्रिया गुप्त मतदान के जरिए होती है।

उप-राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए, उसकी आयु कम से कम 35 साल और वो राज्यसभा का सदस्य बनने के योग्य होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार को केंद्र या राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकरण के अधीन किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए। एक बार चुने जाने के बाद, उप-राष्ट्रपति को पांच साल का कार्यकाल पूरा करना होता है। देश में होने वाले दूसरे मध्यावधि चुनावों से उप-राष्ट्रपति का चुनाव बिल्कुल अलग होता है।