विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने मुर्शिदाबाद जिले में सांप्रदायिक हिंसा का हवाला देते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को विरोध मार्च निकाला। वीएचपी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ नारे लगाए और मुर्शिदाबाद हिंसा की एनआईए जांच की मांग की।
वीएचपी के राज्य सचिव लक्ष्मण बंसल ने कहा पश्चिम बंगाल सरकार को बाहर किया जाना चाहिए और दोषियों को सलाखों के पीछे डालकर मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज, सुती, धुलियान और जंगीपुर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और 274 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आगे की स्थिति को रोकने के लिए राज्य पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। कई परिवार मुर्शिदाबाद से भाग गए हैं और अब पड़ोसी मालदा में राहत शिविरों में रह रहे हैं।