वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर 70 दिनों के बाद गंगा सेवा निधि की दैनिक गंगा आरती अपने मूल स्थान पर हुई। बीते दिनों गंगा का पानी बढ़ने से गंगा आरती का स्थान परिवर्तित हो गया था। बाढ़ के कारण आरती छत पर संपन्न कराई जा रही थी लेकिन गुरुवार से यथास्थान गंगा की भव्य आरती की शुरूआत हुई।
घंटी, डमरू की आवाज और मां गंगा के जयकारे के बीच मां गंगा की भव्य आरती हुई और श्रद्धालुओं ने इस आरती को देख मोक्ष की कामना की।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए आरती की वापसी के लिए आभार जताया।