भारतीय नौसेना की ताकत आज एक और कदम आगे बढ़ गई है। रूस के कलिनिनग्राद स्थित यांटार शिपयार्ड में भारतीय नौसेना ने अत्याधुनिक स्टील्थ युद्धपोत 'INS तमाल' को अपने बेड़े में शामिल कर लिया। यह भारतीय नौसेना की रणनीतिक क्षमताओं को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
INS तमाल की खासियतें
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लंबाई: 125 मीटर
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वजन (विस्थापन): लगभग 3,900 टन
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अधिकतम गति: 30 नॉट्स
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रेंज: 3,000 किलोमीटर से अधिक
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क्लास: तुषिल-क्लास (Krivak श्रेणी की अंतिम विदेशी निर्मित फ्रिगेट)
हथियार और सिस्टम
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ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल
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Shtil-1 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम
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100 मिमी गन, AK-630 CIWS
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RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर
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हाई-एंड सोनार और रडार सिस्टम
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BEL, टाटा नोवा और भारत डायनामिक्स जैसे भारतीय रक्षा निर्माताओं के उपकरण
INS तमाल में करीब 26% स्वदेशी उपकरण लगे हैं। यह ‘मेक इन इंडिया’ के तहत आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में एक बड़ा कदम है। INS तमाल को भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े में शामिल किया जाएगा, जिसे “Sword Arm” भी कहा जाता है। यह जहाज अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री उपस्थिति को और अधिक मजबूत बनाएगा।
INS तमाल तुषिल-क्लास की दूसरी और अंतिम विदेशी फ्रिगेट है। इससे पहले INS तुषिल को रूस में कमीशन किया गया था। इस श्रेणी की बाकी दो फ्रिगेट्स (INS त्रिपुट और INS तवस्या) गोवा शिपयार्ड में बन रही हैं। INS तमाल के भारत लौटने के बाद इसे नौसेना के पश्चिमी कमांड में ऑपरेशनल रूप से तैनात किया जाएगा। INS तमाल भारतीय नौसेना के लिए सिर्फ एक और युद्धपोत नहीं है, बल्कि यह सशस्त्र बलों की आधुनिकता, आत्मनिर्भरता और सामरिक दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है। यह भारत को समुद्री सुरक्षा और वैश्विक समुद्री भागीदारी में और अधिक मजबूती देगा।