बिहार में आज से 'सम्राट युग' की शुरुआत हो गई है। करीब 20 साल बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री हैं। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से मंगलवार को नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। जिसके बाद आज सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है, जिससे राज्य में पहली बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का गठन हुआ है।
लोकभवन में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में उन्होंने बिहार की कमान संभाली। इस ऐतिहासिक पल के साथ ही सूबे में दशकों पुराने सियासी समीकरण बदल गए हैं। अब भाजपा राज्य में 'जूनियर पार्टनर' के बजाय मुख्य भूमिका में है। मुख्यमंत्री के साथ केवल दो वरिष्ठ नेताओं को कैबिनेट में जगह दी गई। जो जेडीयू कोटे से उपमुख्यमंत्री हैं, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव हैं। न
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट में वे एक नीतीश कुमार के भरोसेमंद हैं। विजय चौधरी का लंबा प्रशासनिक अनुभव और नीतीश कुमार के प्रति उनकी निष्ठा इस गठबंधन सरकार को मजबूती प्रदान करेगी। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी मौजूदगी ने साफ कर दिया कि नई सरकार में जेडीयू और भाजपा के बीच तालमेल और संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका निर्णायक रहने वाली है।
बिहार की नवनिर्वाचित सरकार में जेडीयू के कद्दावर और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में बिजेंद्र यादव का शामिल होना सरकार के प्रशासनिक अनुभव को मजबूती प्रदान करेगा। वे दशकों से बिहार की राजनीति और सरकार का अहम हिस्सा रहे हैं, और उनके पास ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालने का लंबा अनुभव है।